INDICATIONS:
Sperm Diseases. . .
शुक्रमातृका वटी
शुक्रमातृका वटी भैषज्य रत्नावली का आयुर्वेदिक योग है जो किडनी और वीर्य वाहिनी नाड़ियों पर असर करती है
तो आईये जानते हैं इसका कम्पोजीशन, फ़ायदे और इस्तेमाल की पूरी जानकारी –
शुक्रमातृका वटी के कम्पोजीशन की बात करें तो इसे गोखरू, त्रिफला, तेजपत, छोटी इलायची बीज, रसोत, धनियाँ, चव्य, जीरा, तालीसपत्र, सुहागे की खिल और अनारदाना प्रत्येक 20 ग्राम, शुद्ध गुग्गुल 10 ग्राम, शुद्ध पारा, शुद्ध गंधक, अभ्रक भस्म और लौह भस्म प्रत्येक 40-40 ग्राम के मिश्रण से बनाया जाता है. बनाने की विधि यह होती है कि सबसे पहले पारा-गंधक को खरलकर कज्जली बनाकर जड़ी-बूटियों का चूर्ण, गुग्गुल और भस्म में थोड़ा पानी मिलाकर खरलकर गोलियाँ बनायी जाती हैं और धुप में सुखाकर रखा जाता है. यही शुक्रमातृका वटी कहलाती है
शुक्रमातृका वटी के फ़ायदे-
– शुक्रमातृका वटी वीर्य वाहिनी नाड़ी, वात वाहिनी नाड़ी, किडनी और मूत्र संस्थान पर सबसे ज़्यादा असर करती है और इनमे होने वाले रोगों को दूर करती है
– इसके इस्तेमाल से वीर्यस्राव या धात गिरने की प्रॉब्लम दूर होती है, पेशाब के पहले या बाद वीर्य निकल जाने में लाभ होता है और हर तरह के प्रमेह को दूर करती है
– नौजवानों की बहुत ही कॉमन बीमारी स्वप्नदोष चाहे कैसा भी हो, वातज, पित्तज या कफज इसके इस्तेमाल से दूर होता है. यह वीर्य दोष को दूर कर वीर्य को गाढ़ा बनाती है, शीघ्रपतन और जल्द डिस्चार्ज होने जैसी प्रॉब्लम में भी इस से फ़ायदा होता है
– शुक्रमातृका वटी के प्रयोग से पेशाब की जलन, पत्थरी और पेशाब के इन्फेक्शन में भी फ़ायदा होता है
– यह खून की कमी को दूर करती है, मसल्स को ताक़त देती है और पाचन शक्ति ठीक कर भूख बढ़ाने में मदद करती है
– इसके इस्तेमाल से मानसिक शक्ति बढ़ती है, टेंशन दूर होता है और अच्छी नींद लाने में मदद करती है
– इसे आयुर्वेदिक मेडिकल से या फिर ऑनलाइन खरीद सकते हैं, बैद्यनाथ और व्यास जैसी कंपनियों की यह दवा मिल जाती है. 40 टेबलेट की क़ीमत 90 रुपया के क़रीब है

Neem Churna,100gm
Kanyalohadi Vati,50tab 
